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veer bhatt
7 months ago .Others
Mumbai, Maharashtra, India
Bad

900 परिवारों के लिए आफत बना उत्तराखंड सरकार का एक फैसला राज्य सरकार ने एंबुलैंस सेवा 108 का ठेका दूसरी कंपनी को दे दिया है, जिससे 900 कर्मचारियों और उनके परिवारों पर संकट आ गया है। नैनीताल के ओखलाकांडा ब्लॉक की दुर्गम ग्राम सभा गौनियारों तल्ला में रहने वाली कुशुमा देवी को शनिवार सुबह तीन बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिवारवालों ने 108 एंबुलेंस सेवा को फ़ोन लगाने की कोशिश की। नेटवर्क नहीं होने के कारण फ़ोन नहीं लगा, तो उसके परिजन सात किलोमीटर ऊंची चोटी पर पहुंचे और फिर 108 एंबुलेंस को फ़ोन लगाया। लेकिन 108 एंबुलेंस ने सेवा देने में असमर्थता जता दी। फिर ग्रामीणों की मदद से परिजन कुशुमा को डोली में बिठा कर, करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर मोटर मार्ग पर लाए और फिर एक टैक्सी में अस्पताल ले जाने लगे। इस दौरान कुशुमा को प्रसव पीड़ा उठी और उसने टैक्सी में ही एक बच्ची को जन्म दिया। अखबार के अंदर के पन्नों में छपनेवाली ये छोटी सी ख़बर बताती है कि पहाड़ों में 108 एंबुलेंस सेवा को लाइफ लाइन क्यों कहा जाता है। यहां 108 एंबुलेंस ने अपनी सेवाएं देने में असमर्थता जता दी। लेकिन दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में इस सेवा पर बहुत सारी ज़िंदगियां टिकी हुई हैं। इस सेवा के ज़रिये मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले कर्मचारी कुशुमा जैसी किसी महिला के लिए देवदूत से कम नहीं होते। पहाड़ की घुमावदार सड़कों पर एंबुलेंस दौड़ाने वाले और सेवा से जुड़े अन्य करीब 900 कर्मचारियों के सामने पहाड़ सी चुनौती आ खड़ी हुई है। अब तक जिस कंपनी (जीवीके-ईएमआरआई) के लिए वे इस कार्य को कर रह थे, राज्य सरकार के साथ उनका करार इस वर्ष मार्च महीने में समाप्त हो गया। कैंप- कम्यूनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशन नाम की मध्यप्रदेश की गैर-सरकारी संस्था ये महत्वपूर्ण ज़िम्मा संभालने के लिए तैयार नहीं थी, तो कंपनी अप्रैल महीने में भी अपनी सेवाएं दे रही है। मई से नई कंपनी ये ज़िम्मा संभालेगी। यानी मई महीने में कई कर्मचारियों का रोज़गार छिन जाएगा और वे सड़क पर आ जाएंगे। Courtesy: https://bit.ly/2J6es7X

veer bhatt
7 months ago .Others
Mumbai, Maharashtra, India
Good

Sanitary inspectors to drive anti-spitting campaign in Pune; paan shops under scanner A civic official said that the solid waste management department collected Rs 57,880 as fines from 15 ward offices and handed over 288 receipts to the offenders. As part of cleanliness and anti-spitting drive, Pune Municipal Corporation (PMC) on April 25 has directed sanitary inspectors to target paan shops in the city. The solid waste management department of Pune Municipal Corporation (PMC) is taking efforts to clean out the litter and spit smudges in the city. A civic official said that the solid waste management department collected Rs 57,880 as fines from 15 ward offices and handed over 288 receipts to the offenders. The penalty includes spitting, littering in public areas, as well as non-segregating societies. “We launched the drive of penalising paan sellers if their surroundings are littered and spit smudges are found. We have done away with the inspection squads and given the rights of penalising to the sanitary inspectors of the 15 ward officers,” said Dynaneshwar Molak, joint commissioner, solid waste management department, PMC. “We have 126 sanitation inspectors in 15 wards and each has been given a target of conducting or taking 15 actions per day in their respective areas, to make sure that the areas around paan shops are clean. The fine ranges from Rs 150 for spitting on the road, Rs 180 for littering, and Rs 500 for leaving the surroundings with red splotches and waste,” Molak said. Courtesy: https://bit.ly/2DIMJGF

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